
पाकिस्तान के अंदर छिपे आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाली भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत जो पराक्रम दिखाया, उसकी मिसाल पूरी दुनिया में दी जा रही है।
अब इसी साहस और बहादुरी के लिए भारतीय वायुसेना के 26 अधिकारियों को “वायु सेना पदक” से सम्मानित किया जा रहा है।
इनमें वो जांबाज़ फाइटर पायलट्स भी शामिल हैं, जिन्होंने दुश्मन के इलाके में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की तर्ज़ पर टारगेट को एक्सैक्ट हिट किया। साथ ही S-400 जैसे आधुनिक हथियार सिस्टम को ऑपरेट करने वाले टेक्निकल ऑफिसर्स और ग्राउंड सपोर्ट टीम के वीर भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
पाकिस्तानी हमलों को किया नाकाम
जब पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई की तैयारी हो रही थी, तभी भारतीय रक्षा प्रणाली ने उसे बेअसर कर दिया। इन वीर जवानों ने न सिर्फ पहले से हमला टालने की योजना बनाई, बल्कि एयर डिफेंस सिस्टम की बदौलत हर हमले को नाकाम किया।
इन सभी को 15 अगस्त 2025, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र द्वारा सलामी दी जाएगी।
BSF के जवानों की वीरता को भी सलाम
सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी वीरता दिखाई। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर BSF ने बताया कि उनके 16 बहादुर जवानों को वीरता पदक से नवाज़ा जाएगा।

इनमें एक डिप्टी कमांडेंट, दो असिस्टेंट कमांडेंट, और एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। ये जवान भारत की First Line of Defence हैं, जिन्होंने ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम किया।
वीरता पदक: साहस की पहचान
ये सम्मान केवल मेडल नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ समर्पण, प्रोफेशनलिज़्म और अदम्य साहस की पहचान हैं।
BSF ने अपने पोस्ट में कहा, “ये पदक भारत की प्रथम रक्षा पंक्ति, सीमा सुरक्षा बल, में राष्ट्र के विश्वास और भरोसे का प्रमाण हैं।”
ऑपरेशन सिंदूर एक बार फिर यह साबित करता है कि भारत के जवान हर मोर्चे पर डटकर जवाब देने में सक्षम हैं – चाहे वो आसमान हो या सरहद। इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सभी इन वीरों को सलाम करते हैं।
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